गीत



 

नाच न्याय अन्यायको..

-रामेश्वर राउत ‘मातृदास

नाच न्याय अन्यायको आँगन घुमीघुमी
सत्य धर्म न्याय विवेक मस्त चुमीचुमी

ढाँट छल किर्ते कपट समयको कोल्टो
सहनशील धरती आकाश साक्षी स्वयं पोल्टो
जागरुक समय छ कहाँ बस्छ उङी
नाच न्याय अन्यायको आँगन घुमीघुमी

पलपाइलाका हिसाब किताब एकएक गुनी
न्याय हुन्छ सर्वेश्वरको ईजलाशमा सुनी
लानु के छ बटुलेर जीवन ठुङीठुङी
नाच न्याय अन्यायको आँगन घुमीघुमी
सत्य धर्म न्याय विवेक ।।।
३ रारामा वसिष्ठधम, निर्झर दिलचेत ,

सिन्धुवस्ती
२०७७/०४/ ०८/०५

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